सिताबदियारा (सारण), नि.प्र.: एक समय था जब यूपी की सीमा के लोग बिहार
की सड़कों पर चुटकी लेते थे और हंसते थे, पर आज स्थितियां बदल चली हैं। इसका
एक स्पष्ट उदाहरण है मांझी का जयप्रभा सेतु। इस सेतु से आवागमन करने वाले
राहगीर यूं ही जान लेते हैं कि अब यूपी पीछे छूट गया। दरअसल यहां की तस्वीर
ही कुछ ऐसी दिखाई देती है।
मांझी के इस सेतु पर जाएं तो जहां से बिहार की सीमा शुरू हो रही है वहां एक बड़ा गेट लगा है जिस पर लिखा है- बिहार राज्य में आपका स्वागत है। यहां से शुरू सड़कें भी चमचमाती नजर आएंगी। सड़क किनारे बनी रेलिंग अलग सुंदरता बयां करती है। वहीं पलट यूपी की सीमा जहां से शुरू है वहां से सड़कें यूं ही बिखरे हाल में दिखाई देने लगती है। एनडीए शासनकाल में बिहार की बदलती तस्वीर देख सभी ताज्जुब में हैं।
सबसे लंबी अवधि में बना जयप्रभा सेतु
मांझी के इस जयप्रभा सेतु को सबसे लंबी अवधि में बनने का भी गौरव प्राप्त है। जानकारों के मुताबिक इस सेतु का शिलान्यास वर्ष 1986 में किया गया था। इस पर परिचालन का कार्य वर्ष 2006 में शुरू हुआ। इनसे अलग यह सेतु परिचालन के कुछ ही दिनों बाद मरम्मत के अभाव में बिखरा-बिखरा नजर आने लगा। सेतु पर जहां-जहां पायों का ज्वाइंट है, वहां सड़क पर गड्ढा बन गया है, पुल के बैरिंग कोट भी कट गए हैं।
बिना लोकार्पण ही दौड़ने लगे वाहन
मांझी में यूपी-बिहार की सीमा पर निर्मित जयप्रभा सेतु एक अकेला सेतु है, जिसका न तो उद्घाटन हुआ न लोकार्पण और वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। इलाकाई जानकार बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कराना चाहते थे, लेकिन वे खुद ही अस्वस्थ होकर स्वर्ग सिधार गए। तब से यह मामला ही ठंडा पड़ गया। वैसे यहां परिचालन के साथ पुल किराया वसूली का बेरियर भी यूपी वाले सिरे पर लगा दिया गया है। यहां वसूली किसके निर्देश पर होती है, इस बात को वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछने पर वे कन्नी काट गए और कुछ भी बताने से स्पष्ट मना इनकार कर दिया।
बिहार में हो रहा सड़कों का विकास
मधुबनी, निज संवाददाता : मधुबनी के सांसद हुक्मदेव नारायण यादव ने कहा
है कि बिहार में तेजी से सड़कों का विकास हो रहा है। वर्तमान बिहार सरकार के
द्वारा प्राथमिकता के तौर पर सड़कों का विकास किया जा रहा है। जिससे सुदूर
गांवों के लोग मुख्य सड़क से जुड़ रहे हैं। ये बातें मंगलवार को भाजपा
कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
श्री यादव ने कहा कि गत तीन साल में मेरे सांसद कार्यकाल में मधुबनी लोक सभा क्षेत्र में 85 प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क का शिलान्यास कर कार्यारंभ किया गया है। नावार्ड से निर्मित होने वाले आधा दर्जन सड़कों का शिलान्यास किया जो पूर्ण होने की स्थिति में है। 175 प्रधान मंत्री सड़क का बिहार व केंद्र सरकार द्वारा डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेज दिए गए हैं। मधुबनी में संगठन के लोग विकास कार्य पर ध्यान रखें। कहा कि बिहार सरकार की ऐसी योजना है कि सभी गांवों को एसएच , एनएच व एक्सप्रेस हाइवे से जोड़ दिए जाएं। जिससे मिथिला का देश के हर भाग से जुड़ाव हो जाएगा।
श्री यादव ने कहा कि जो कोई भी यह बात उठाते हैं कि केंद्र के पैसे से विकास हो रहा है वह बिहार के साथ गद्दारी कर रहे हैं। उन्हें यह जान लेना चाहिए की राज्य सरकार जो भी अंशदान देती है उसी के अनुसार केंद्र भी पैसा देता है। खैरात में राज्य सरकार को पैसा नहीं मिल जाता। कहा कि खुफिया एजेन्सियों ने भारत नेपाल सीमा के 20 किलोमीटर भीतर आईसएसआई ने जाल फैलाने की जानकारी दे रखी है। संसद में गृह मंत्री ने मेरे प्रश्न की उत्तर में जानकारी दी की देश के कई भागों में हो रहे आतंकी गतिविधियों में दरभंगा व मधुबनी से जुड़ाव पाए गए हैं। जिस पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से कुछ गिऱफ्तारी भी की गई है। कहा कि किसी भी नेता को वोट के लिए ऐसे बयान नहीं देनी चाहिए की एक ही संप्रदाय के नौजवानों की गिरफ्तारी की जा रही है। ऐसे नेताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि देश की एकता व संप्रभूता को उनके बयान से आघात न लगे। बिहार आज सामाजिक व आर्थिक विकास की ओर सारी जटिलताओं, बाधाओं को पार करते हुए आगे की ओर अग्रसर है। ऐसी परिस्थिति में सिर्फ वोट के लिए बिना सोचे समझे बयान दे देना सही नहीं है। प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक रामप्रीत पासवान, जिला उपाध्यक्ष शंकर झा, सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र यादव भी उपस्थित थे।
बिहार। आज बिहार के लोगों के पास एक उम्मीद हैं, एक लक्ष्य हैं। बिहार
विकास की दिशा पर चल पड़ा है। बिहार की नई सुबह हो चुकी है और इस नई सुबह
में एक नई रौशनी हैं, नई उम्मीदें हैं। इस राज्य ने ना केवल आर्थिक व
औद्योगिक क्षेत्र में ही विकास किया हैं बल्कि सांस्कृतिक क्षेत्र में भी
विकास हुआ हैं। लोगों की जीवनशैली में भी विराट परिवर्तन हुआ हैं। शिक्षा
से लेकर मनोरंजन तक सभी क्षेत्रों में भारी बदलाव हुआ है। मल्टीप्लेक्स व
बड़े बड़े शापिंग माल के बनने से कल की बिहार की तस्वीर ही बदल गई है। जैसे
बिहार ने अर्थ सामाजिक व भौगोलिक क्षेत्र में अपनी विकास दर दर्ज की है,
वैसे ही बिहार में निवेश की मात्रा भी बढ़ती गई है। देशी व विदेशी निवेश से
सिर्फ आर्थिक विकास की स्थिति ही नहीं सुधरी है बल्कि लोगों की जीवनशैली
में भी भारी बदलाव देखने को मिला है। एफडीआई में निवेश से बिहार में उद्योग
की स्थिति में भी खासा बदलाव देखने को मिला है। रियल इस्टेट के क्षेत्र
में पिछले साल से हो रहे निवेश से लोगों में घरेलू व कर्मशियल घरों की मांग
भी बढ़ गई है।
बादल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर अविनाश कुमार ने कही है। राज्य सरकार द्वारा मुज्जफर नगर,भागलपुर, वैशाली, नालंदा इन जिलों में निवेश को लेकर ज्यादा उत्सुक हैं। इसके लिए सरकार ने कई कदम भी उठाए हैं। सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को नई तरह की तकनीक व नई डिजाइनों पर आधार करके कंस्ट्रक्शन का काम करने की गुहार लगाई है। रियल इस्टेट के लिए पटना काफी उभरता शहर माना जा रहा है। पटना में निजी घर व व्यापारिक घरों की मांग में इजाफा हुआ है। एफडीआई के साथ-साथ एनआरआई के रियल इस्टेट में निवेश में बढ़ोतरी हो रही है। पटना में संपत्ति की खरीद बिक्री में ग्राहकों को काफी अच्छा रिर्टन प्राप्त हो रहा है। बड़े बड़े निवेशक बिहार के पटना में आकर हाउसिंग क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। इन दिनों बिहार में कई बड़े आईटी पार्क बन रहे हैं। बिहार शापिंग कंप्लेक्स व एंटरटेनमेंट का हब बन रहा हैं।
जीवनशैली व संस्कृति
राज्य में विदेशी व देशी निवेश के चलते लोगों का शहरी जीवन काफी आसान हो गया है। लोगों के पास कई तरह के साधन हो गए हैं। अब वह जब चाहे जो चाहे खरीद सकते हैं। अधिक से अधिक शापिंग माल व कंप्लेक्स बनने के कारण लोगों की जीवनशैली में काफी बदलाव आ गया है। पटना के पुराने बाजार जैसे लालजी, कुर्जी व हथवा मार्केट अब रिटेल की दुकानों में बदल गए हैं। इन मार्केटों के वातावरण में काफी बदलाव किए गए हैं। लोगों की बदलती पसंद को देखते हुए इन बाजारों में भी बदलाव किया गया हैं।
बिहार के मोतीहारी में रहने वाली एक महिला ने कहा कि अब उन्हें हर छोटी बड़ी चीज के लिए कड़ी मशक्कत नहीं करनी पड़ती है। एक ही छत के नीचे सब मिल जाता हैं। जब मोतीहारी में पहला शापिंग माल बना तो वह काफी उत्सुक हुई और चौंक भी गई की आखिर कैसे एक ही छत के नीचे एक साथ सब कुछ मिल जाता है। इसी तरह बिहार के अन्य जिले जैसे समस्तीपुर व दरभंगा भी विकास की राह पर चल रहा है।
वायर से वायरलेस तकनीक की यात्रा
देशी व विदेशी ब्रांड के बिहार में निवेश ने बिहार में विकास की गति तेज कर दी है। पिछले तीन सालों से बिहार में ली कुपर, रीबॉक, एलैन सोली, बेलमांट, विल्स इन सब ब्रांड की ओर लोग अधिक आकर्षित हो रहे हैं। टेलिकम्युनिकेसंस व ऑटोमोबाइल उद्योग में भी विकास हुआ हैं। आर्क वर्ल्डवाइड कनकर्स के वाइस प्रेसीडेंट वेंके शर्मा के मुताबिक बिहार के टू टायर व थ्री टायर वाले शहरों के लोग काफी स्वस्थ्य हैं। सैमसंग इंडिया इको के डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर जुत्सी ने कहा कि बिहार के कई जिलों में टीवी व रेफ्रीजनरेटर की मांग में इजाफा हुआ है।
मांझी के इस सेतु पर जाएं तो जहां से बिहार की सीमा शुरू हो रही है वहां एक बड़ा गेट लगा है जिस पर लिखा है- बिहार राज्य में आपका स्वागत है। यहां से शुरू सड़कें भी चमचमाती नजर आएंगी। सड़क किनारे बनी रेलिंग अलग सुंदरता बयां करती है। वहीं पलट यूपी की सीमा जहां से शुरू है वहां से सड़कें यूं ही बिखरे हाल में दिखाई देने लगती है। एनडीए शासनकाल में बिहार की बदलती तस्वीर देख सभी ताज्जुब में हैं।
सबसे लंबी अवधि में बना जयप्रभा सेतु
मांझी के इस जयप्रभा सेतु को सबसे लंबी अवधि में बनने का भी गौरव प्राप्त है। जानकारों के मुताबिक इस सेतु का शिलान्यास वर्ष 1986 में किया गया था। इस पर परिचालन का कार्य वर्ष 2006 में शुरू हुआ। इनसे अलग यह सेतु परिचालन के कुछ ही दिनों बाद मरम्मत के अभाव में बिखरा-बिखरा नजर आने लगा। सेतु पर जहां-जहां पायों का ज्वाइंट है, वहां सड़क पर गड्ढा बन गया है, पुल के बैरिंग कोट भी कट गए हैं।
बिना लोकार्पण ही दौड़ने लगे वाहन
मांझी में यूपी-बिहार की सीमा पर निर्मित जयप्रभा सेतु एक अकेला सेतु है, जिसका न तो उद्घाटन हुआ न लोकार्पण और वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। इलाकाई जानकार बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कराना चाहते थे, लेकिन वे खुद ही अस्वस्थ होकर स्वर्ग सिधार गए। तब से यह मामला ही ठंडा पड़ गया। वैसे यहां परिचालन के साथ पुल किराया वसूली का बेरियर भी यूपी वाले सिरे पर लगा दिया गया है। यहां वसूली किसके निर्देश पर होती है, इस बात को वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछने पर वे कन्नी काट गए और कुछ भी बताने से स्पष्ट मना इनकार कर दिया।
बिहार में हो रहा सड़कों का विकास
मधुबनी, निज संवाददाता : मधुबनी के सांसद हुक्मदेव नारायण यादव ने कहा
है कि बिहार में तेजी से सड़कों का विकास हो रहा है। वर्तमान बिहार सरकार के
द्वारा प्राथमिकता के तौर पर सड़कों का विकास किया जा रहा है। जिससे सुदूर
गांवों के लोग मुख्य सड़क से जुड़ रहे हैं। ये बातें मंगलवार को भाजपा
कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।श्री यादव ने कहा कि गत तीन साल में मेरे सांसद कार्यकाल में मधुबनी लोक सभा क्षेत्र में 85 प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क का शिलान्यास कर कार्यारंभ किया गया है। नावार्ड से निर्मित होने वाले आधा दर्जन सड़कों का शिलान्यास किया जो पूर्ण होने की स्थिति में है। 175 प्रधान मंत्री सड़क का बिहार व केंद्र सरकार द्वारा डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेज दिए गए हैं। मधुबनी में संगठन के लोग विकास कार्य पर ध्यान रखें। कहा कि बिहार सरकार की ऐसी योजना है कि सभी गांवों को एसएच , एनएच व एक्सप्रेस हाइवे से जोड़ दिए जाएं। जिससे मिथिला का देश के हर भाग से जुड़ाव हो जाएगा।
श्री यादव ने कहा कि जो कोई भी यह बात उठाते हैं कि केंद्र के पैसे से विकास हो रहा है वह बिहार के साथ गद्दारी कर रहे हैं। उन्हें यह जान लेना चाहिए की राज्य सरकार जो भी अंशदान देती है उसी के अनुसार केंद्र भी पैसा देता है। खैरात में राज्य सरकार को पैसा नहीं मिल जाता। कहा कि खुफिया एजेन्सियों ने भारत नेपाल सीमा के 20 किलोमीटर भीतर आईसएसआई ने जाल फैलाने की जानकारी दे रखी है। संसद में गृह मंत्री ने मेरे प्रश्न की उत्तर में जानकारी दी की देश के कई भागों में हो रहे आतंकी गतिविधियों में दरभंगा व मधुबनी से जुड़ाव पाए गए हैं। जिस पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से कुछ गिऱफ्तारी भी की गई है। कहा कि किसी भी नेता को वोट के लिए ऐसे बयान नहीं देनी चाहिए की एक ही संप्रदाय के नौजवानों की गिरफ्तारी की जा रही है। ऐसे नेताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि देश की एकता व संप्रभूता को उनके बयान से आघात न लगे। बिहार आज सामाजिक व आर्थिक विकास की ओर सारी जटिलताओं, बाधाओं को पार करते हुए आगे की ओर अग्रसर है। ऐसी परिस्थिति में सिर्फ वोट के लिए बिना सोचे समझे बयान दे देना सही नहीं है। प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक रामप्रीत पासवान, जिला उपाध्यक्ष शंकर झा, सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र यादव भी उपस्थित थे।
विकास पथ पर बिहार, बदलते दौर में नई कवायद
बादल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर अविनाश कुमार ने कही है। राज्य सरकार द्वारा मुज्जफर नगर,भागलपुर, वैशाली, नालंदा इन जिलों में निवेश को लेकर ज्यादा उत्सुक हैं। इसके लिए सरकार ने कई कदम भी उठाए हैं। सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को नई तरह की तकनीक व नई डिजाइनों पर आधार करके कंस्ट्रक्शन का काम करने की गुहार लगाई है। रियल इस्टेट के लिए पटना काफी उभरता शहर माना जा रहा है। पटना में निजी घर व व्यापारिक घरों की मांग में इजाफा हुआ है। एफडीआई के साथ-साथ एनआरआई के रियल इस्टेट में निवेश में बढ़ोतरी हो रही है। पटना में संपत्ति की खरीद बिक्री में ग्राहकों को काफी अच्छा रिर्टन प्राप्त हो रहा है। बड़े बड़े निवेशक बिहार के पटना में आकर हाउसिंग क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। इन दिनों बिहार में कई बड़े आईटी पार्क बन रहे हैं। बिहार शापिंग कंप्लेक्स व एंटरटेनमेंट का हब बन रहा हैं।
जीवनशैली व संस्कृति
राज्य में विदेशी व देशी निवेश के चलते लोगों का शहरी जीवन काफी आसान हो गया है। लोगों के पास कई तरह के साधन हो गए हैं। अब वह जब चाहे जो चाहे खरीद सकते हैं। अधिक से अधिक शापिंग माल व कंप्लेक्स बनने के कारण लोगों की जीवनशैली में काफी बदलाव आ गया है। पटना के पुराने बाजार जैसे लालजी, कुर्जी व हथवा मार्केट अब रिटेल की दुकानों में बदल गए हैं। इन मार्केटों के वातावरण में काफी बदलाव किए गए हैं। लोगों की बदलती पसंद को देखते हुए इन बाजारों में भी बदलाव किया गया हैं।
बिहार के मोतीहारी में रहने वाली एक महिला ने कहा कि अब उन्हें हर छोटी बड़ी चीज के लिए कड़ी मशक्कत नहीं करनी पड़ती है। एक ही छत के नीचे सब मिल जाता हैं। जब मोतीहारी में पहला शापिंग माल बना तो वह काफी उत्सुक हुई और चौंक भी गई की आखिर कैसे एक ही छत के नीचे एक साथ सब कुछ मिल जाता है। इसी तरह बिहार के अन्य जिले जैसे समस्तीपुर व दरभंगा भी विकास की राह पर चल रहा है।
वायर से वायरलेस तकनीक की यात्रा
देशी व विदेशी ब्रांड के बिहार में निवेश ने बिहार में विकास की गति तेज कर दी है। पिछले तीन सालों से बिहार में ली कुपर, रीबॉक, एलैन सोली, बेलमांट, विल्स इन सब ब्रांड की ओर लोग अधिक आकर्षित हो रहे हैं। टेलिकम्युनिकेसंस व ऑटोमोबाइल उद्योग में भी विकास हुआ हैं। आर्क वर्ल्डवाइड कनकर्स के वाइस प्रेसीडेंट वेंके शर्मा के मुताबिक बिहार के टू टायर व थ्री टायर वाले शहरों के लोग काफी स्वस्थ्य हैं। सैमसंग इंडिया इको के डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर जुत्सी ने कहा कि बिहार के कई जिलों में टीवी व रेफ्रीजनरेटर की मांग में इजाफा हुआ है।
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