बिहार मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार ने बताया
कि वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए बिहार योजना बजट कुल रु॰ 24,000 करोड़
निर्धारित हुई। नीतीश कुमार ने कहा कि विगत् वर्ष 2010-11 की तुलना में यह
20% अधिक है। इस वर्ष के वार्षिक योजना 24,000 करोड़ में राज्य सरकार अपने
बचत से 41% (9934.49 करोड़), बाजार से 27% (6342 करोड़) और बाँकी बचे 32%
(7723.51 करोड़) केन्द्रीय सहायता से प्राप्त करेगी। यह उल्लेखनीय है कि
वर्ष 2004-05 में जहाँ केन्द्रीय सहायता 70% होता था वहीं अब केन्द्रीय
सहायता का प्रतिशत घट कर 32% रह गया है। राज्य सरकार की अपनी बचत और संसाधन
वर्ष 2005-06 में 9.26 प्रतिशत था जो वर्तमान् में 40% से भी अधिक बढ़कर
पहुँच गया है।

बिहार का यह वार्षिक बजट
नीतीश कुमार की मोंटेक सिंह अहलुवालिया, उपाध्यक्ष योजना आयोग से योजना
भवन में सम्पन्न बैठक में अन्तिम रूप दिया जा सका। पूर्व में राज्य सरकार
को गैर योजना मद में नियमित व्यय हेतु कार्मिकों के वेतन एवं भत्ते हेतु
उधार लेना होता था। अब राज्य सरकार अपने बचत से गैर योजना मद के खर्चे को
स्वतः पूरा करती है और विकासात्मक योजना व्यय को पूरा करती है जो 41% तक
होता है। यह तभी सम्भव हो पाया, जब राज्य सरकार अपने वित्तीय प्रबन्धन को
विवेकपूर्ण तरीके से अपने संसाधन को सफलतापूर्वक बढ़ाते हुए बहुत बड़े
पैमाने पर सुधार किया है, जिसकी सराहना योजना आयोग तक ने की है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2005-06 में मात्र
4,676 करोड़ से वर्ष 2006-07 में 8,470 करोड़, वर्ष 2007-08 में 10,436
करोड़, 2008-09 में 13,693 करोड़, 2009-10 में 16,387 करोड़ तथा वर्तमान्
वित्तीय वर्ष में 20,000 करोड़ की वृद्धि अपने विकास योजना व्यय में किया
है। कुमार ने बताया कि विकास की मुख्य प्राथमिकता आधारभूत संरचना ही होगी,
जिसमें सड़क क्षेत्रों के लिए 23.88% (5732.59 करोड़), उर्जा क्षेत्रों का
अंश 7% (1682 करोड़), शिक्षा के क्षेत्रों में 12.56% का अंश (3014 करोड़)
तथा अन्य सामाजिक सेवाओं यथा स्वास्थ्य, जलापूर्ति, स्वच्छता, ग्रामीण गृह
निर्माण, नारी सशक्तीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा का अंश 22.13% (5311 करोड़)
होगा। सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण तथा कृषि क्षेत्रों के लिए 9.87% तथा 5.78%
का क्रमशः अंश होगा। बिहार की अर्थ व्यवस्था हाल के वर्षों में दूªत गति से
बढ़ी है। अद्यतन आकलन के अनुसार जी.एस.डी.पी. का स्थिर मूल्यों पर वृद्धि
दर वर्ष 2005-06 एवं 09-10 में 14.7% की रही है। वर्ष 2005-06 में राज्य की
प्रति व्यक्ति आय 7659 था जो वर्ष 2009-10 में 51% तक बढ़कर 11,558/- हो
गया है।
नीतीश कुमार ने राज्य के परिपेक्ष्य में
योजना मद से किये जा रहे व्यय उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व में स्कूल
नही जाने वाले बच्चों की संख्या 12.8% से घटकर राष्ट्रीय औसत के बराबर
3.5% हो गया है। (2) राज्य में 2.34 लाख प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की
गई है। (3) नारी शिक्षा योजना के अन्तर्गत् 40 लाख महिलाओं को शिक्षित किया
गया। जिसके तहत 60% महिलाएँ वस्तुतः साक्षर की गई। (4.) मुख्यमंत्री
बालिका पोशाक योजना लागू की गई। (5) मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना मद
में कक्षा 9 के बालिकाओं के लिए 5.25 लाख खर्च किए गए। (6) मुख्यमंत्री
बालक साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 के विद्यार्थियों पर 6.50 लाख व्यय किए
गए। (7) चाणक्या राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के नए परिसर का निर्माण। (8)
446 एकड़ भूमि ‘‘नालन्दा अन्तर्राष्ट्रीय विश्व विद्यालय को हस्तांतरित
किया गया’’ कुलपति की नियुक्ति। (9) चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान हेतु भवन
निर्माण योजना अनुमोदित। (10) आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (निजी एवं
आधिकारिक क्षेत्रों में तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा हेतु) भूमि आवंटित की
गई। (11) मातृ मृत्यु दर 2001-03 में 371 था से घटकर 2004-06 में 312 हुआ,
अखिल भारतीय औसत् 254 है। (12) शिशू मृत्यु दर 2005 में 61 से घटकर 2009
में 52 प्रति एक हजार जीवित जन्मों में पहुँचा। जबकि अखिल भारतीय दर 50 है।
(13) पूर्ण गर्भाधारण दर में 4.3 से घटकर 3.9 हुआ। जबकि अखिल भारतीय दर
2.6 है। (14) संस्थागत् प्रसवों में 1992-93 के 12.1% से बढ़कर 2005-06 में
22% 2007-08 में 27.7% और 2009-10 में 47.9% की वृद्धि दर देखी गई। (15)
पूर्ण टीकाकरण का अच्छादन वर्ष 1992-93 में 10.7% से 53.8% हुआ (सम्प्रति
61% के लगभग)। (16) अगले दो वर्षों में खाद्यानों के भंडारण की वर्तमान
क्षमता 10 लाख मैंट्रिक टन से बढ़कर 40 लाख मैट्रिक टन हो जाएगा। (17)
कांटी एवं बरौनी ताप विद्युत परियोजना का विस्तार। (18) एन0टी0पी0सी0 के
साथ संयुक्त उपक्रम में नवीनगर विद्युत संयंत्र में 3×660 मेगावाट उर्जा
उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित। (19) दिर्घकालीन आधार पर 450 मेगावाट विद्युत
प्राप्ति की योजना तथा (20) 2×660 मेगावाट के तीन विद्युत संयंत्र स्थापित
करने हेतु स्थल विकसित करने की योजना तथा (20) 2×660 मेगावाट के तीन
विद्युत संयंत्र स्थापित करने हेतु स्थल विकसित करने की योजना।
आहूत बैठक में मुख्यमंत्री के साथ सुशील
कुमार मोदी, उप मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नरेन्द्र नारायण यादव, मत्री,
योजना विकास एवं विधि, हरकिशोर सिंह, उपाध्यक्ष, बिहार राज्य योजना परिषद
सहित राज्य के उच्चाधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक समाप्ति के उपरान्त
पत्रकारों द्वारा पुछे गये सवाल के उत्तर में योजना आयोग के उपाध्यक्ष
मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने बिहार में हो रहे प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त
किया। श्री नीतीश कुमार ने उपाध्यक्ष योजना आयोग अहलुवालिया को मांग के
अनुरूप योजना की स्वीकृति हेतु आभार प्रकट किया।
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